post Office Saving Account SB Account डाकघर बचत खाता

डाकघर बचत योजना Post Office saving yojana 

डाकघर बचत खाता Post Office Saving Account  यह खाता देश एक आम गरीब को हक़ से जीने साहस देता है इस खाते को देश का खाते कहे तो कोई दोराय नहीं होगा | जब गरीब के जन मानस में बचत का ख्याल आता है तो उस इंसान के दिमाग में जो नाम उबर कर आता है वो नाम है डाकघर जो संस्थान आम गरीब ग्रामीण से जुड़ा एक विभाग है  डाक घर में कही तरह बचत को लेकर योजना का संचालन किया जाता है जैसे डाकघर आवृति जमा खाता, बचत खाता, मासिक आय योजना राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र, तो हम जिस योजना की बात करेगे वो है डाकघर बचत खाता |
डाकघर बचत खाता Post Office Saving Account ( SB Account )

बचत खाता क्या है what is Saving Account 

हम जो हर माह जो रुपये कमाते है और घर खर्च कर जो रुपये बच जाते तो उस रुपये का क्या करे उस पासोपेस रहते है तो हमारे दिमाग में बचत का ख्याल आता है अर्थात एक ऐसा खाता जो कभी भी जमा और कभी भी निकासी के अनुमति देता है इस खाते में आप कितना भी रुपये जमा करा सकते है और कितने ही रुपये कभी भी अपनी आवश्यकता अनुचार निकने जा सकते है  एक तरह से आप को यह खाता कही भी कभी भी रुपये उपलब्ध करवाता है | उस ही बचत खाता कहते है|

सेविंग अकाउंट इन पोस्ट ऑफिस  Saving Account in Post office

मेरे नजर में कोई खाता यदि देश का बेहतरीन सेविंग अकाउंट है तो वो डाकघर घर का बचत खाता है क्यों इस खाते पर कोई सेवा शुल्क नहीं अर्थात आप के खाते से कोई राशि बिना मतलब नहीं काटी जायेगी और भी भुत फायदे है जो लेख में आगे पड़ते जाये की क्यों बेहतरीन है सेविंग अकाउंट इन पोस्ट ऑफिस  जी की में आगे चर्चा करूँगा |

बचत खाता के नियम Post office Saving Account Rule

डाकघर बचत खाते के नियम के बारे में चर्चा कर रहे है तो देखे नीचे
  • यह खाता केवल नकद से खोला जा सकता है मलतब इस खाते को चैक से नहीं खोला जा सकता है 
  • इस खाते को कोई भी भारतीय नागरिक खोल सकता है|
  • इस खाते का संचालन करने के लिये 10 वर्ष से अधिक  होना चाहिय अन्यथा 10 वर्ष से कम के नाम से खोलने के लिये माता या पिता में से एक या कोई क़ानूनी अभिभावक द्वारा इस खाते को संचालित किया जा सकता है|
  • यह खाता केवल भारत भर में फैले डाकघरों में खाता खोला जा  सकता है मगर एक डाकघर में केवल एक ही बचत खाता खोला जा सकता है  |
  • अनिवासी भारतीय और मुख्तारनामा धारक खाता खोलने के लिए पात्र नहीं है|

डाकघर बचत खाते की विशेषताये  Features of Post Office Saving Account 

  • खाता केवल नकद द्वारा खोला जा सकता है|
  • इस खाते को न्यूनतम 20 रुपये से खोला जा सकता है
  • बिना चैक बुक (गैर-चेक) सुविधा खाते संचालन के लिए न्यूनतम शेष राशि INR 50 / - है
  • चैक सहित यदि खाता है तो आप खाते में अगर  न्यूनतम शेष राशि INR 500 / रुपये रखना आवश्यक है 
  • इस खाते पर आप 4% चक्रवर्ती ब्याज देय है 
  • अर्जित ब्याज वित्तीय वर्ष में प्रति वर्ष INR 10,000 / - तक की कर मुक्त है 
  • खाता खोलने के समय और खाता खोलने के बाद भी नामांकन सुविधा उपलब्ध है
  • खाते को एक डाकघर से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है
  • एक खाते को एक पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है
  • अकाउंट को नाबालिग के नाम पर खोला जा सकता है और 10 साल और उससे अधिक उम्र के एक छोटे खाते को खाता खोल सकते हैं और संचालित कर सकते हैं
  • संयुक्त खाता दो या तीन वयस्कों द्वारा खोला जा सकता है
  • खाते को सक्रिय रखने के लिए तीन वित्तीय वर्षों में जमा या निकासी के कम से कम एक लेनदेन आवश्यक है
  • सिंगल अकाउंट को संयुक्त में परिवर्तित किया जा सकता है
  • 18 वर्ष प्राप्त करने के बाद माइनर को अपने नाम पर खाते को मेजर रूपांतरण के लिए आवेदन करना होगा
  • सीबीएस डाक कार्यालयों में किसी भी डाकघर में इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से जमा और निकासी की जा सकती है।
  • एटीएम सुविधा उपलब्ध है|

    डाकघर बचत खाते के फायदे Advantages of Post office Saving Account 

    • डाकघर बचत खाते का जहा न्यूनतम 50 रुपये वही बैंकों के बचत खाते का न्यनतम 500 रुपये है| 
    • डाकघर चैक सहित बचत खाते का न्यूनतम 500 रुपये वही बैंकों के बचत खाते का न्यनतम 1000 रुपये है |
    • बैंक के ATM का वार्षिक शुल्क लिया जाता है वाही डाकघर का ATM का कोई वार्षिक शुल्क नहीं है 
    • डाकघर के ATM का में एटीएम से लेनदेन करने की कोई  सीमा नहीं है जब की बैंकों में 4 या 5 की लिमिट लाये कर रखी है और ज्यादा लेनदेन करने पर आप से शुल्क लिया जा है जबकि डाकघर एटीएम कार्ड से डाकघर के एटीएम पर अनलिमिटेड लेनदेन किये जा सकते है कोई शुल्क नहीं लिया जाता है |
    • डाकघर का देश में सब से बड़ा नेटवर्क है तो आप CBS Post Office से कही भी लेनदेन कर सकते है |
    • डाक घर चैक बुक एटीएम सब निशुल्क दिये जाते बैंक इन के लिये चार्ज करती है |
    • इस बचत खाते पर आप को निशुल्क SMS की सुविधा दी जाती मगर बैंक इस सुविधा के लिये 15 से 25 रुपये तक चार्ज करती है |
    • डाकघर बचत खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा से 12 वार्षिक देकर 2 लाख तक दुर्घटना बीमा भी लिया जा सकता है |
    • डाकघर बचत खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा अलावा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना का भी लाभ लिया जा सकता है |

    डाकघर बचत खाते की कमियां Disadvantages of Post office Saving Account 

    • इस बचत खाते से ऑनलाइन लेनदेन नहीं कर सकते है जिस हर लेनदेन के लिये डाकघर आना पड़ता है जिस से समय और मेहनत दोनों का हास् होता है
    •  डाक घर बचत खाते में एक लाख से ज्यादा जमा पर 4% ही ब्याज मिलाता है जब की कही बैंकों में ऐसा नहीं है |
    • इस बचत खाते में केवल 4% ही ब्याज मिलाता है जब की कही बैंक 6% और 7% ब्याज देते है |
    • डाकघर बचत खाते में ब्याज का भुगतान हर तीन माह में किया जाता है जब की डाकघर में वित्तीय वर्ष में केवल एक बार 1 अप्रैल को किया जाता है |
    • डाकघर बचत खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा से ही 2 लाख तक दुर्घटना बीमा लिया जा सकता है जब की बैंकों में 2 लाख से ज्यादा का दुर्घटना बीमा लेने की सुविधा है |
    पोस्ट ऑफिस अकाउंट ओपनिंग फॉर्म Post Office Account opening Form 
    पोस्ट ऑफिस अकाउंट ओपनिंग फॉर्म  आप को किसी भी डाकघर में मिल जायेगा यदि नहीं मिलाता है तो आप india post की वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते है | अधिक जानकारी के लिये india post वेबसाइट को देखे यह भी पढ़े
    1 डाकघर आवर्ती जमा खाता
    3 डाकघर लोक भविष्य निधि खाता
    कोई समस्या हों तो नीचे कमेंट करे 

    National Saving Certificat (NSC) राष्ट्रीय बचत पत्र

    राष्ट्रीय बचत पत्र ( NSC )

    एनएससी (NSC) यानी राष्ट्रीय बचत पत्र (National Saving Certificate) भारत सरकारी की बचत स्कीम है। इसे किसी भी पोस्ट ऑफिस से खरीदा जा सकता है। NSC में आप निश्चिंत होकर पैसे लगा सकते हैं क्योंकि ये bank fixed deposit से भी ज्यादा सुरक्षित हैं। इतना ही नहीं इसमें पैसा लगाकर आप tax भी बचा सकते हैं। NSC सबके लिए है फिर चाहे आप salaried हों, businessmen हों या किसान, ये सबके लिए ये available हैं और useful हैं। इनको कैसे खरीदा जा सकता है ? 

    कैसे ये आपका tax बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं? अन्य मौजूदा Tax Saving Options के मुकाबले ये कैसे better साबित हो सकते हैं ? इन सारे सवालों का जवाब आइए जानते हैं-
    राष्ट्रीय बचत पत्र

    एनएससी में पैसा लगाने के फायदे | Benefits Of NSC

    शहरों से लेकर गांवों तक फैले डाक घर राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) को सबके लिए आसानी से पहुंच योग्य बनाते हैं। ज्यादातर डाकघरों में Core Banking Service शुरू हो जाने के कारण इनको कहीं पर भी खरीदने और कहीं पर भी भुनाने की सुविधा भी हो गई है।
    न्यूनतम 500 रुपये में भी उपलब्ध| Minimum Rs 500 Investment
    राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) से जुड़ी एक अच्छी बात यह भी है कि आप सिर्फ पांच सौ रुपए भी invest कर सकते हैं। आप अपनी capacity के मुताबिक इनका adjustment करके 500 रुपये के गुणक में या इसके ऊपर किसी भी limit तक की धनराशि का एनएससी खरीद सकते हैं। हां यह जरूर ध्यान रखें कि tax से छूट सिर्फ Rs 1.5 lacs तक की धनराशि वाले एनएससी तक ही मिलेगी।

    आकर्षक ब्याज दर: Attractive Interest rate

    फिलहाल सिर्फ 5-year एनएससी (NSC) ही चालू है। जिसमें आपको government 7.8% का ब्याज देती है। Inerest हर छह महीने बाद आपकी जमा धनराशि में जुड़कर आगे compound Interest के हिसाब से बढ़ता जाता है। 10 years NSC की सुविधा december 2015 से बंद की जा चुकी हैं। हालांकि, जिन लोगों ने इसके पहले दस वर्षीय NSC खरीदे थे, उन्हें उसका benefit मिलता रहेगा।
    सरकार ने financial year 2016-17 से राष्ट्रीय बचत पत्र पर interest का निर्धारण हर quarter में करना शुरू किया है। इसलिए एनएससी खरीदने से पहले आप confirm कर लें कि इस पर कितना ब्याज मिल रहा है। खरीदते समय जो Interest rate होगा, वही maturity अवधि पूरी होेने तक रहेगा। यानी, अगले पांच साल तक आपके एनएससी के ब्याज दर में कोई Change नहीं होगा। फिलहाल अगर आज आप 5 सौ रुपए की एनएससी (NSC) लेते हैं तो पांच साल बाद ₹ 727.89 मिलेंगे।

    टैक्स छूट | Tax Benefits

    एनएससी के रूप में Invest की गई धनराशि पर सरकार section 80C के तहत tax से छूट देती है। लेकिन यह छूट एक financial year के दौरान Maximum 1.5 लाख रुपए तक के एनएससी (NSC) पर ही मिल सकती है। हालांकि 1.5 लाख रुपए तक के NSC पर मिलने वाला ब्याज Tax Free नहीं होता है। NSC के ब्याज को आपको हर साल के income tax return में दिखाना होता है।

    एनएससी कैसे खरीदें | How To Purchase NSC

    जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि NSC किसी भी Post office या Head Post Office से खरीदे जा सकते हैं।अगर आपने एनएससी यानी राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदने का मन बना लिया है तो कुछ चीजें पहले से ध्यान रखें तो सहूलियत रहेगी। जरूरी दस्तावेज व भुगतान: Required Documents and Payment
    एनएससी खरीदने के पहले अपनी identity और address से जुड़े documents, PAN Card और Adhar Card दो दस्तावेजों के original और photocopy एवं अपने 3 पासपोर्ट साइज फ़ोटो लेते जाएं।
    एनएससी cash राशि देकर भी खरीदे जा सकते हैं और cheque या demand draft देकर भी। जैसी आपकी सहूलियत हो, व्यवस्था करके जाएं। चेक या डिमांड ड्राफ्ट उस डाकघर के Post Master के नाम बनेगा, जहां से आप NSC खरीद रहे हैं। अगर आपका पोस्ट ऑफिस मे account है तो उससे भी एनएससी के मूल्य के बराबर धनराशि transfer करके NSC खरीद सकते हैं।

    राष्ट्रीय बचत पत्र National Saving Certifica NSC तीन तरह की ले सकते हैं : Three Types of NSC

    डाकघर आपको तीन तरीके से एनएससी (NSC) खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराता है।
    1.Single holder Type NSC : इस प्रकार के NSC खरीदने पर certificate किसी एक व्यक्ति के नाम (Adult Or Minor या ) होता है। अल्पवयस्क या बच्चे के नाम होने पर guardian का नाम दर्ज होना भी जरूरी है।
    2.Joint A type NSC : इस प्रकार के NSC खरीदने पर Certificate किन्हीं दो वयस्क व्यक्तियों के नाम बनता है। दोनों पति-पत्नी, पिता-पुत्र, मां-बेटी, दो मित्र या साझीदार कुछ भी हो सकते हैं। Maturity पर मिलने वाली धनराशि भी दोनों को बराबर-बराबर मिलेगी।
    3. Joint B type NSC: इस प्रकार के NSC भी किन्हीं दो adult व्यक्तियों के नाम होते हैं। अंतर सिर्फ यह होता है कि maturity के बाद मिलने वाली राशि किसी एक व्यक्ति के नाम मिलती है। यह किसे मिलनी चाहिए, इसका उल्लेख NSC खरीदते समय करना जरूरी होता है।
    कंपनी या एनआरआई के लिए नहीं: Companies and NRI’s are Not Eligible
    कोई Society या कंपनी, एनएससी (NSC) नहीं खरीद सकती। NRI यानी प्रवासी भारतीय को एनएससी खरीदने की सुविधा नहीं है। लेकिन, अगर आप NSC खरीदते समय यहां के Citizen थे तो आपके NRI होने के बाद भी पहले खरीदे गए एनएससी अपनी Maturity तक काम करते रहेंगे।
    राष्ट्रीय बचत पत्र में nominee चुनने की भी सुविधा होती है, ताकि आपके साथ कोई अनहोनी होने पर आपके चुने व्यक्ति को आपके NSC की धनराशि मिल सके। इसका भी decision पहले ही करके जाएं।
    ट्रान्सफर और डुप्लीकेट सर्टिफिकेट| Transfer and Dublicate certificate
    आप अपने एनएससी (NSC) देश के किसी भी Post Office से खरीदें, उन्हें किसी भी अन्य डाक घर में Transfer करा सकते हैं, और Mature होने पर वहां से भुना भी सकते हैं। ऐसी स्थिति में, एनएससी भुगतान लेते समय एनएससी ट्रांसफर का certificate जरूर साथ में रखें।
    एनएससी खो जाने या क्षतिग्रस्त होने पर आप अपनी पहचान प्रमाणित कराकर डुप्लीकेट एनएससी भी बनवा सकते हैं।
    एनएससी को भुनाने के लिए आपको निम्नलिखित process पूरी करनी होती है-
    एनएससी का original certificate साथ में लेते जाएं। आपकी पहचान को prove करने वाला ओरिजनल दस्तावेज भी साथ रखें।
    NSC भुनाने वाला फॉर्म 7A जो post office से मिलेगा, उसे भरना होगा। अब यह फॉर्म indian post की वेबसाइट www.indiapost.gov.in पर भी उपलब्ध है, इसे download करके भी जमा कर सकते हैं।
    अगर NSC भुनाने वाला व्यक्ति, खरीदते समय अल्पवयस्क रहा हो, तो adult होने पर भुनाने के लिए उसके हस्ताक्षर के अलावा guardian के भी हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। अभिभावक के न रहने पर उसकी Identity प्रमाणित करने के लिए ऐसे व्यक्ति के signature होने चाहिए, जिसे post master जानता हो।
    NSC holder के निधन की स्थिति में उसके nominee को दो प्रकार के form भरकर जमा करने होते हैं ।
    Annexure 1: यह फॉर्म एनएससी (NSC) भुनाने के लिए होता है,जहां आपका नाम nominee के रूप में दर्ज होता है।
    Annexure 2: यह फॉर्म nominee के उत्तराधिकार को प्रमाणित करने के लिए होता है।
    मेच्योरिटी के पहले/आकस्मिक भुगतान की प्रक्रिया Emergency Encashment of NSC
    राष्ट्रीय बचत पत्र को Maturity से पहले भी भुनाया जा सकता है। यह facility सिर्फ दो स्थितियों में मिलेगी।
    condition-1: एनएससी की अवधि three years पूरी हो चुकी हो। ( नोट अब यह condition शायद बदल चुकी है।)
    condition-2: एनएससी धारक की death हो जाने पर nominee को कभी भी इसके भुगतान की।

    लोन सुविधा भी उपलब्ध | loan facility available

    Emergency पड़ने पर एनएससी को security के रूप में रखकर आप bank व वित्तीय संस्थान से loan भी ले सकते हैं। हां, लोन की मात्रा और उस पर लगने वाले interest का निर्धारण उस संस्था के ऊपर निर्भर करेगा, जो आपको लोन दे रही है। तीन साल पुराने NSC पर कुछ बैंक तो face value का 85 से 100 फीसदी तक loan उपलब्ध कराते हैे। इससे कम period का होने पर लोन की मात्रा कम मिल पाती है।
    फिलहाल पोस्ट ऑफिस इस प्रकार की कोई सुविधा नही देती है।

    मेच्योरिटी के बाद | After Maturity of NSC

    अगर Maturity पूरी होने पर आप एनएससी (NSC) को नहीं भुनाते हैं तो यह अपने आप अगली अवधि के लिए Renew नहीं होता। maturity बाद की अवधि में इस पर सिर्फ general saving account की तरह ब्याज मिलेगा। वह भी सिर्फ अगले दो वर्ष तक।
    अगर आप इसे Reinvest करना चाहे तो कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आवेदन देना होगा, और नए investment पर interest rate भी पहले वाली न होकर, नई ब्याज दर होगी।

    NSC vs PPF: A short Camparison

    पीपीएपफ ( Public Provident Fund) और एनएससी (National Saving Certificate ) दोनों को बेहतर Tax Saving Investment माना जाता है। दोनों ही भारत सरकार की saving scheme है। दोनों में जमा पैसे की गारंटी सरकारी लेती है। दोनों में ब्याज भी समान या लगभग समान होता है। इसके बावजूद एनएससी किस प्रकार आपके लिए better साबित होते हैं , आइए जानते हैं।

    निवेश सीमा में अंतर| Difference in Investment limit

    NSC में आप न्यूनतम 500 रुपए से अधिकतम किसी भी सीमा तक Investment कर सकते हैं। PPF में एक financial year के दौरान कम से कम 500 और अधिकतम 1.5 लाख रुपए ही invest किए जा सकते हैं।
    एनएससी और पीपीएफ दोनों में ही tax free investment की सीमा 1.5 लाख रुपए ही है। पीपीएफ में तो maximum निवेश की सीमा ही 1.5 लाख रुपए है, इसलिए इसमें tax का सवाल ही नहीं उठता। एनएससी में जरूर 1.5 लाख से ज्यादा investment करने पर, अतिरिक्त निवेश पर मिलने वाली आय पर tax लगेगा।
    निवेश अवधि में अंतर | Difference in Investment Period
    NSC अब अधिकतम 5 years के लिए ही खरीदे जा सकते हैं, जबकि PPF में 15 साल तक पैसा जमा किया जाता है। दरअसल एनएससी एक प्रकार के product होते हैं, जो कभी भी कितने भी खरीदे जा सकते हैं। PPF एक प्रकार का account होता है, जिसमें आपके नाम पैसा जमा होता है। सामान्यतया इसमें आप हर महीने पैसा deposit करते हैं। इसमें साल भर में 12 बार से अधिक और कुल मिलाकर Rs 1.5 lacs से अधिक नहीं जमा कर सकते।

    National Saving Certifica से निवेश रिटर्न में अंतर | Defference in Return

    दोनों schemes में इस समय समान ब्याज दर 7.8 फीसदी मिलती है, लेकिन एनएससी (NSC) में ब्याज हर छह महीने बाद जुड़ने से यह ज्यादा beneficial है। PPF में निवेश की गई राशि पर Interest साल में सिर्फ एक बार (मार्च के अंत में) जोड़ा है। इस प्रकार पांच साल बाद जहां NSC में 10 बार ब्याज जुड़ने का मौका मिलता है, वहीं PPF में सिर्फ 5 बार। इस तथ्य को और सरल रूप में हम इस Example से समझ सकते हैं।
    मान लिया आपने 1 जनवरी 2017 को 10000 रुपए का एनएससी (NSC) खरीदा। पांच वर्ष पूरे होने पर यह 7.8 फीसदी ब्याज दर के आधार पर 4693 रुपए ब्याज के रूप में लौटाएगा। यही 10000 अगर आप PPF में 1 जनवरी 2017 को deposit करते हैं तो पांच साल बाद इसमें मिलने वाला interest 4626 रुपए होगा। यहां NSC आपको सीधे सीधे 67 रुपए ज्यादा दे रहा है।

    आयकर में छूट की 10 बाते जो आप का आयकर कैसे बचाये और लाभ प्राप्त करे

    आयकर में छूट  की 10 बाते जो आप का आयकर कैसे बचाये 
    । घर किराया भत्ता पर कर बचत आयकर में छूट 

    सामान्यतः एचआरए के रूप में जाना जाता हाउस किराया भत्ता वेतनभोगी व्यक्ति का कुल वेतन का एक बड़ा हिस्सा है आयकर अधिनियम की धारा 10 (13 ए) के तहत, आप अपने मकान मालिक को दिए गए किराए पर आयकर में छूट  से को बचा सकते हैं हालांकि, आपको किराए पर आपके भुगतान पर आंशिक कर लाभ मिलता है। एचआरए के तहत छूट के लिए अनुमति दी गई राशि न्यूनतम के रूप में गणना की जाती है:

    आयकर में छूट


    i) किराए पर सालाना कम से कम 10 प्रतिशत मूल वेतन और महंगाई भत्ते का भुगतान
    ii) वास्तविक एचआरए प्राप्त हुआ
    iii) मूल और महंगाई भत्ते का 40 प्रतिशत (मेट्रो शहरों के मामले में 50 प्रतिशत)। यदि आप किसी भी किराए का भुगतान नहीं कर रहे हैं या आप अपने घर में रहने के लिए आपका एचआरए भत्ता कर योग्य होगा। लेकिन जो लोग अपने माता-पिता के साथ रहते हैं वे अपने माता-पिता के लिए किराए पर भुगतान करके एचआरए लाभों का भी दावा कर सकते हैं।

    2. आयकर में छूट धारा 80 सी के तहत कटौती

    आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कर लाभ का दावा कर सकता है। अगर आप 1.5 लाख रुपये का निवेश करके उच्चतम टैक्स स्लैब (30 फीसदी) में गिरते हैं, तो आप प्रति वर्ष 46,350 रुपये (सेस शुल्क सहित) तक टैक्स बचा सकते हैं। इस खंड के तहत कर लाभ के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले निवेश कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि खाता, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और कर-बचत फिक्स्ड डिपॉजिट हैं। लाइफ इंश्योरेंस प्लान, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और कर-बचत म्यूचुअल फंड (ईएलएसएस) के लिए प्रीमियम का भुगतान भी धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए योग्य है।

    कोई भी दो बच्चों तक ट्यूशन फीस का भुगतान कर सकता है, गृह ऋण, स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण लागत पर मुख्य भुगतान, धारा 80 सी के तहत कटौती के रूप में खरीदा गया घर।

    पढ़ें: म्यूचुअल फंड निवेश के जरिए आयकर को बचाने तुम्हें सिर्फ ज्ञान की आवश्यकता है

    3. धारा 80 सीसीडी (1 बी) के तहत कटौती से आयकर में छूट 

    यह खंड बजट 2015-16 में पेश किया गया था इस खंड के तहत, एनपीएस स्तरीय 1 खाते में 50,000 रुपये तक के निवेश पर कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह धारा 80 सी के तहत दी गई 1.5 लाख की सीमा से अधिक है। उच्चतम टैक्स ब्रैकेट में एक व्यक्ति रु। बचा सकता है 15,450 रुपये का निवेश करके धारा 80 सीसीडी (1 बी) के तहत एनपीएस में 50,000

    4. आयकर में छूट में धारा 80 ई के तहत कटौती

    यदि आपने खुद को, पति / पत्नी या बच्चों के लिए एक शिक्षा ऋण लिया है, तो ऋण पर ब्याज का भुगतान धारा 80 ई के तहत कर लाभ के लिए योग्य है। सबसे अच्छी बात यह है कि कटौती की मात्रा पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है। लेकिन मानदंड यह है कि ऋण एक वित्तीय संस्थान या अनुमोदित धर्मार्थ संस्थान से और पूर्णकालिक उच्च शिक्षा के लिए लिया गया होगा।

    5. आवास ऋण पर ब्याज की कटौती (धारा 24 बी) से आयकर में छूट 

    यदि आपने घर खरीदने के लिए एक आवास ऋण लिया है, तो आप अपने आवास ऋण पर भुगतान की गई ब्याज धारा 24 बी के तहत टैक्स लाभ के लिए अर्हता प्राप्त कर सकते हैं। एक वित्तीय वर्ष में आवास ऋण पर 2 लाख रुपये तक ब्याज का भुगतान आपकी आय से कटौती के रूप में किया जाता है। अगर आपने गृह सुधार ऋण लिया है, तो 30,000 रुपये तक की ब्याज की राशि इस सेक्शन के तहत कटौती की जाएगी।

    6. धारा 80EE के तहत कटौती से आयकर में छूट 

    केंद्रीय बजट 2016 में फिर से शुरू की गई, जिसमें रुपये का अतिरिक्त कटौती 50,000 इस खंड के तहत उपलब्ध है, जो कि गृह ऋण पर ब्याज पर धारा 24 बी की सीमा से अधिक है, अगर कोई व्यक्ति पहली बार घर खरीद रहा है। लेकिन इस लाभ का लाभ लेने के लिए एक शर्त है संपत्ति की लागत 50 लाख से कम होनी चाहिए और ऋण की राशि 35 लाख के बराबर होनी चाहिए। इसके अलावा, संपत्ति 1 अप्रैल, 2016 के बाद खरीदी जानी चाहिए।

    7. धारा 80 डी के तहत कटौती से आयकर में छूट 

    स्वयं, पति या पत्नी, बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम और माता-पिता धारा 80 डी के तहत कटौती के लिए योग्य हैं। कोई भी रुपये की कटौती का दावा कर सकता है 25,000, यदि वह 60 वर्ष से कम उम्र के हैं, और रु। 30,000 अगर वह 60 वर्ष से ऊपर हो, स्व, पति या पत्नी और बच्चों के लिए मेडिकल बीमा प्रीमियम की ओर। इस खंड के तहत, रुपये की अतिरिक्त कटौती अगर कोई अपने माता-पिता के लिए चिकित्सा बीमा खरीदता है तो 25,000 उपलब्ध है। यह कटौती रुपये तक जा सकती है 30,000 प्रति वर्ष अगर माता-पिता 60 वर्ष से ऊपर हैं। तो धारा 80 डी के तहत आपको कुल कटौती 60,000 रुपये तक होनी चाहिए।

    8. धारा 80 डीडी के तहत कटौती से आयकर में छूट 

    यदि एक कर दाता पर निर्भर माता पिता, पति या पत्नी, बच्चों या भाई-बहन अलग-अलग हैं, तो वह कटौती का दावा कर सकता है इस खंड के तहत उनके रखरखाव और चिकित्सा उपचार पर खर्च के लिए 75,000 यदि विकलांगता प्रकृति में गंभीर है, तो कटौती 1.25 लाख रुपये तक बढ़ सकती है।

    9. धारा 80 डीडीबी के तहत कटौती से आयकर में छूट 

    इस खंड के तहत, कोई भी रुपये की कटौती का दावा कर सकता है विशिष्ट रोग या स्व और आश्रितों के लिए बीमारी के चिकित्सा उपचार के लिए 40,000 कटौती रुपये तक जा सकते हैं 60,000 अगर कर दाता 60 वर्ष से ऊपर है और यदि वह 80 वर्ष से अधिक है, तो कटौती राशि रु। 80,000। नियम 11 डीडी में बीमारियों को निर्दिष्ट किया गया है इस लाभ का दावा करने के लिए फार्म में एक प्रमाण पत्र 10 I किसी भी पंजीकृत डॉक्टर से करदाता द्वारा प्रस्तुत किया जाना है।

    इसके अलावा पढ़ें: म्युचुअल फंड: क्या आपको धन योजना के लिए नियमित योजना या सीधे योजना के लिए विकल्प चुनना चाहिए

    10. धारा 80 टीटीए के तहत कर आयकर में छूट प्राप्त कर सकते है

    इस खंड के तहत ब्याज आय 10,000 रुपये तक है